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Kidney stone symptoms in hindi | गुर्दे की पथरी, लक्षण, कारण, इलाज और घरेलू उपचार

by Foggfitness
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Kidney stone symptoms in hindi: गुर्दे की पथरी नमक और मिनरल्स से बनी हुई एक ठोस जमावट होती है। गुर्दे की पथरी को अंग्रेजी में किडनी स्टोन (Kidney stone) कहते हैं। पथरी विभिन्न प्रकार की होती है और इनका साइज भी अलग-अलग होता है। पथरी ज्यादातर गुर्दे में पायी जाती है या फिर मूत्रपथ (पेशाब के रास्ते) में पाई जाती है।

जब यूरिन में फॉस्फोरस , केमिकल यूरिक एसिड , ऑक्जालिक एसिड और कैल्शियम की मात्रा बढ़ जाती हैं तो पथरी का निर्माण होता हैं। इन सब खनिज लवणों का मिलना और एकजुट हो जाना धीरे -धीरे पथरी का निर्माण कर देता हैं। गुर्दे (किडनी) के अंदर एक या एक से अधिक पथरी भी हो सकती हैं। शुरुआत में पथरी छोटी हो सकती हैं लेकिन उसका आकार बढ़ता जाता हैं।

गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन (Kidney Stone) को नेफ्रोलिथिआरीस (Nephrolithiasis) भी कहते है। जब पथरी का आकर छोटा होता होता है तो यह पेशाब के जरिये शरीर से बाहर निकल जाती है। लेकिन अगर यह कहीं मूत्रमार्ग में फंस जाती है तो इससे बहुत ज्यादा दर्द होता है जो कि असहनीय भी हो सकता है। वह कुछ भाग्यशाली लोग होते हैं जिनका किडनी स्टोन (Kidney stone) पेशाब के जरिये बाहर निकल जाता है अन्यथा कुछ लोगों को चिकित्सा और दवाइयां इत्यादि लेनी पड़ती हैं। कई बार तो किडनी स्टोन को बाहर निकलने के लिए डॉक्टर ऑपरेशन तक कर देते हैं।

ज्यादातर देखा गया है कि अगर पथरी 5mm से छोटी है तो यह पेशाब के जरिये बाहर निकल जाती है। लेकिन अगर इसका साइज 5mm से ज्यादा होता है तो यह मूत्रमार्ग में रूकावट पैदा करता है। जिससे दर्द और उलटी इत्यादि लक्षण देखने को मिल सकते हैं। पथरी या किडनी स्टोन की समस्या आजकल बहुत आम सी हो गयी है। यह 20 में से 4 लोगों में अवश्य देखने को मिलती है। पथरी को पैदा करने के लिए खराब भोजन और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही को प्रमुख करक माना गया है।

और पढ़ें: पेशाब की नली में पथरी का घरेलू उपाय |

किडनी स्टोन या गुर्दे की पथरी क्या होती है – Kidney stone and symptoms in hindi?

किडनी स्टोन या गुर्दे की पथरी मिनरल्स और नमक से बनी हुई ठोस जमावट होती है। इसका साइज बिलकुल छोटा (रेत के दाने जितना) और इससे बड़ा (गेंद जितना) भी हो सकता है। यह बीमारी गंभीर बिमारियों में से एक मानी जाती है। जिसका इलाज समय पर करना बहुत आवश्यक होता है अन्यथा यह किडनी और ब्लैडर को डैमेज कर सकती है। जिससे व्यक्ति की मृत्यु भी संभव है। किडनी स्टोन (kidney stone) शरीर के मूत्रपथ के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है। जब तक पथरी गुर्दे या किडनी में होती है तो व्यक्ति इससे बचा रहता है और न ही इसके कोई लक्षण दिखाई देते हैं। जब यह गुर्दे या किडनी से बाहर आने लगती है तो इसके लक्षण शुरू हो जाते हैं। जिसमे सबसे ज्यादा दर्द उत्पन्न होता है जो की हर किसी के लिए असहनीय होता है।

किडनी स्टोन को बाहर निकालना काफी दर्दनाक होता है क्योंकि यह मूत्रमार्ग में फंस जाती है। जिससे पेशाब के दौरान भी बहुत दर्द से गुजरना पड़ता है। अगर समय पर गुर्दे की पथरी की पहचान कर ली जाए तो इसका इलाज संभव हो सकता है। जिससे आपको ज्यादा दर्द से गुजरना नहीं पड़ेगा। अगर समय रहते इसका इलाज न करवाया जाए तो यह ऑपरेशन के जरिये ही बाहर निकला जा सकता है।

किडनी स्टोन या गुर्दे की पथरी कंकड़ जैसे दिखाई देते हैं जो कि मिनरल और नमक के मेल से बने होते हैं। भारत देश के लगभग 70% लोग इस समस्या से झूझ रहे हैं जिसका कारण गलत डाइट को माना जाता है। मानव मूत्र में कई तरह के खनिज और एसिड लवण होते हैं जो एक दूसरे से मिलने के बाद ठोस रूप लेने लगते हैं। यह अक्सर तब होता है जब शरीर में पानी की मात्रा कम होती है अन्यथा पानी की मात्रा पूरी होने पर यह ठोस रूप नहीं ले पाते और मूत्र के द्वारा किडनी से बाहर निकल जाते हैं।

अगर आयुर्वेद में अध्ययन करें तो किडनी स्टोन या पथरी (Calculi) को अश्मरी कहा जाता है। इसमें वात दोष शुक्र के साथ मूत्राशय या कफ में पित्त के साथ आने पर पेशाब को बहा देता है, तो पथरी बन जाती है। जब यह अश्मरी (किडनी स्टोन या पथरी) मूत्र मार्ग में आ जाती है तब मूत्र का त्याग करते समय रुकावट एवं असहनीय पीड़ा उत्पन्न होती है। इसके कारण अंडकोष से लेकर लिङ्ग मूत्राशय एवं पार्श्व में पीड़ा होती है। लेकिन जब वात के कारण जब यह अश्मरी (पथरी) टुकड़े-टुकड़े होकर मूत्र मार्ग से निकलती है तब इसे आयुर्वेद में शर्करा कहा जाता है।

गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन के प्रकार – Types of kidney stone and symptoms in hindi

गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन के इलाज के लिए पथरी के प्रकार को समझना अत्यंत आवश्यक होता है। इसी के आधार पर डॉक्टर आपको दवाइयां देते हैं। गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन 4 प्रकार जो होती है। जिसके बारे में संक्षेप से बताया गया है।

१. कैल्शियम स्टोन (Calcium stone)

कैल्शियम स्टोन गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन का आम प्रकार माना जाता है। इस प्रकार के स्टोन कैल्शियम ऑक्सलेट, फास्फेट या मेलिएट से बने हुए होते हैं। यह समस्या तब उत्पन होती है जब हम ज्यादा ऑक्सलेट वाले भोज्य पदार्थों का सेवन करते हैं। अगर हमें इस प्रकार के स्टोन या समस्या को ख़त्म करना है तो हमें अपने शरीर से या भोजन से ज्यादा ऑक्सलेट वाले खाद्य पदार्थों के सेवन को कम करना होगा। इसको नियंत्रण में करने के लिए आपको आलू, मूंगफली, चॉकलेट, चुकंदर और पालक इत्यादि की मात्रा कम करनी होगी। इन सभी खाद्य पदार्थों में ऑक्सलेट की मात्रा अधिक पायी जाती है।

२. यूरिक एसिड स्टोन (Uric Acid Stone)

यूरिक एसिड स्टोन के प्रकार की पथरी पुरुषों में अत्यधिक पायी जाती है। शोध में पाया गया है कि इस प्रकार की पथरी महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अत्यधिक देखने को मिलती है। जो पुरुष कीमोथेरपी की समस्या या गाउट की समस्या से झूझ रहे होते हैं उनमे इस प्रकार की पथरी होने की सम्भावना अधिक होती है। जब पेशाब में एसिड की मात्रा ज्यादा बढ़ने लगती है तब इस प्रकार की पथरी का निर्माण होने लगता है। जो लोग ज्यादा मांस का सेवन करते हैं उनके अंदर तेजी से एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है और इस प्रकार की पथरी का शिकार बनते हैं।

३. स्ट्रूवाइट स्टोन (Struvite Stone)

स्ट्रूवाइट स्टोन के प्रकार की पथरी ज्यादातर महिलाओं में पायी जाती है। जो महिलाएं मूत्रपथ के संक्रमण से ग्रसित होती हैं उनमे इस प्रकार की पथरी होने की सम्भावना अधिक होती है। इस प्रकार की पथरी का आकार बड़ा हो सकता है जो मूत्रपथ में बाधा उत्पन्न करता है। यह स्टोन गुर्दे के संक्रमण के कारण भी होते हैं। अगर इस संक्रमण को शीघ्रता से कम किया जाए तो स्ट्रूवाइट स्टोन के विकास को रोककर इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

४. सिस्टीन स्टोन (Cystine Stone)

सिस्टीन स्टोन (Cystine Stone) के मामले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं। इस प्रकार की पथरी पुरुषों और महिलाओं दोनों में देखने को मिलती है। जिन लोगों के अंदर अनुवांशिकता विकार (genetic disorder) होता है उनमे इस प्रकार की पथरी होने की सम्भावना अधिक होती है। इस प्रकार की पथरी में, एक ऐसा एसिड जो शरीर के अंदर स्वाभाविक रूप से होता है उसका रिसाव किडनी के जरिये मूत्र में होने लगता है।

गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन के कारण – Kidney stone causes and symptoms in hindi

गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन होने के कई कारण हो सकते हैं। यहाँ बताये गए सभी कारण गुर्दे की पथरी के होने का कारण बन सकते हैं। यह कारण निम्नलिखित हैं:-

१. जिन लोगों के अंदर अनुवांशिकता (genetics) होती है उनके अंदर पथरी होने की संभावनाएं अधिक होती हैं।
२. अनुवांशिक बीमारियां (genetics diseases) भी गुर्दे की पथरी का कारण बन सकती हैं।
३. आपके रहने का स्थान भी गुर्दे की पथरी का कारण बन सकता है।
४. गर्म जलवायु के क्षेत्र में रहना और द्रव सेवन की कमी होना भी पथरी का कारण बनता है।
५. ज्यादा चीनी और नमक का सेवन करने से भी पथरी होती है।
६. ज्यादा मांस, मछली और प्रोटीन का सेवन भी पथरी का निर्माण करता है।
७. पेशाब में कैल्शियम का स्तर ज्यादा होने से भी पथरी बनती है।
८. ज्यादा दवाइयों का सेवन भी पथरी बनने का कारण बनता है।
९. पुरानी बीमारियां भी गुर्दे की पथरी का कारण बनती हैं।
१०. यदि आपके परिवार में किसी को भी गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन हुआ है तो यह संभव है कि आपको भी किडनी स्टोन होने का खतरा हो सकता है।
११. कम पानी पीने से भी किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। यह गुर्दे की पथरी का एक मुख्य कारण है।
१२. मोटापा भी किडनी स्टोन के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए संभव हो सके तो अपने मोटापे को कम करने का प्रयास करें।
१३. अगर आपको कोई बीमारी है या फिर कभी आपकी सर्जरी (ऑपरेशन) हुआ हो तो भी किडनी स्टोन होने के चान्सेस होते हैं।
१४. यूरिन या पेशाब में एसिड और केमिकल की मात्रा अधिक होने भी पथरी बनती है।
१५. मानव शरीर में मिनरल्स की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण भी पथरी बनने लगती है।
१६. विटामिन डी का ज्यादा सेवन करने से भी पथरी बनती है।
१७. फ़ास्ट फ़ूड, जंक फ़ूड, कोल्ड ड्रिंक्स और ज्यादा मसाले वाला भोजन भी पथरी बनाता है।
१८. 30 से 50 वर्ष की आयु में ज्यादातर पथरी की संभावना होती है।
१९. जिन महिलाओं के अंडाशय निकले हुए हैं उन महिलाओं को पथरी होने की सम्भावना ज्यादा होती है।
२०. ज्यादा ऑक्सलेट वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से भी पथरी बनती है जैसे: आलू, मूंगफली, चॉकलेट, चुकंदर और पालक इत्यादि।

किडनी या गुर्दे की पथरी के लक्षण – Kidney stone symptoms in hindi

गुर्दे में पथरी होने के जल्दी से लक्षण नहीं दिखाई देते हैं क्योंकि पथरी बिना दर्द किये गुर्दे के अंदर रह सकती हैं। लेकिन जब पथरी गुर्दे को छोड़ती हैं तब वह मूत्रमार्ग से मूत्राशय की ओर जाते हुए मूत्रवाहिनी में फंस सकती हैं। तो यह गुर्दे (किडनी ) की सूजन (हाइड्रोनेफ्रोसिस) का कारण बन सकता हैं। जो बहुत ही दर्दनाक साबित हो सकता हैं। अगर पथरी छोटी हैं तो मूत्रमार्ग से मूत्राशय के द्वारा बहार निकल सकती हैं। यदि पथरी युरेटर में फंस जाये तो यह मूत्र के रास्ते को रोक सकती है, जिससे गुर्दे फूलने लगते हैं और युरेटर में ऐंठन की बजह से दर्द हो सकता है।

गुर्दे ( किडनी ) की पथरी के लक्षण निम्नलिखित हैं –

१. मूत्र (यूरिन ) का बार बार आना महसूस होना।
२. पसलियों के नीचे, साइड और पीठ में गंभीर दर्द होना।
३. पेट के निचले हिस्से में दर्द।
४. कभी धीमा दर्द तो कभी तेज दर्द का होना।
५. पेशाब करने में जलन होना या दर्द होना।
६. यूरिन में खून आना और यूरिन का गाढ़ा होना।
७. मूत्र का एक समय में बहुत कम मात्रा में आना।
८. गुलाबी, लाल तथा भूरे रंग का पेशाब आना।
९. सामान्य से अधिक बार पेशाब आना।
१०. मूत्र (यूरिन ) में गंद आना और मूत्र करते समय तीव्र आवश्यकता महसूस होना।
११. पुरुष को लिंग की नोक पर दर्द महसूस होना।
१२. पेशाब करने की बार-बार इसका होना।
१३. उलटी का होना और बुखार आना।
१४. पेशाब का रंग गहरा भूरा या लाल भी हो सकता हैं। कई बार मूत्र में रक्त कोशिकाएं भी होती है जो हमारी नग्न आँखों से नहीं देखी जा सकती हैं।
१५. कमर के निचले हिस्से में ऐंठन वाला दर्द और बाजू में दर्द होना जो बहुत ही असहनीय होता हैं। दर्द की तीव्रता में उतार -चढ़ाव भी हो सकता हैं। और यह दर्द कुछ समय के बाद वापिस भी आ सकता हैं।
१६. पथरी का दर्द कमर के निचले हिस्से और जांघो के बीच भी पहुँच सकता हैं जो बहुत ही दर्दनाक होता हैं।
१७. पेशाब में खून का आना।
१८. मूत्र में धुंधलापन होना।

गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन से होने वाली समस्याएं – Kidney stone complication and symptoms in hindi

जब तक पथरी गुर्दे में रहती है तो इससे शरीर को कोई नुक्सान नहीं होता है। लेकिन पथरी हमेशा गुर्दे में नहीं रहती है बल्कि बाहर निकलने का प्रयास करती रहती है। कई बार यह बाहर निकलने के लिए गुर्दे से मूत्रवाहिनी में प्रवेश कर जाती है। मूत्रवाहिनी काफी छोटी और पतली होती है जिससे पथरी बाहर निकलने में कठिनाई महसूस करती है। इसी कारण जब पथरी गुर्दे से निकलकर मूत्रवाहिनी में आती है तो मूत्रवाहिनी के पतले होने की वजह से इसमें फंस जाती है। जब हम पेशाब करने जाते हैं तो पथरी को धक्का लगता है जिससे पथरी रगड़ खाती हुई अपनी जगह से खिसकती है और मूत्रवाहिनी से खून का स्राव होने लगता है। इसी कारण से पेशाब में खून आने लगता है। इससे पेशाब के दौरान गंभीर दर्द भी होता है और पेहेब ठीक से निकल नहीं पाता है।

पथरी कई बार गुर्दे को डैमेज भी कर देती है क्योंकि जब यह मूत्रवाहिनी में फंस जाती है तो पेशाब के रास्ते को रोक देती है। इससे पेशाब में एसिड और बैक्टीरिया होने की वजह से संक्रमण भी फ़ैल जाता है। पेशाब के रोके जाने की वजह से गुर्दे को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है जिससे यह डैमेज भी हो सकता है। इसीलिए समय रहते इस समस्या का समाधान अवश्य कर लेना चाहिए।

गुर्दे की पथरी किडनी स्टोन का दर्द क्षेत्र – kidney stone pain area in hindi

किडनी स्टोन या गुर्दे की पथरी का दर्द बहुत ही दर्दनाक होता है। यह दर्द तब शुरू होता है जब पथरी गुर्दे से बाहर निकलकर मूत्रवाहिनी में फंस जाती है। इसके फंसने से मूत्र में जलन, मूत्र का निकल न पाना और संक्रमण इत्यादि हो जाते हैं। गुर्दे की पथरी आपकी दोनों में से किसी एक गुर्दे या किडनी में हो सकती है। कई बार यह दोनों गुर्दों में भी हो जाती है।
गुर्दे की पथरी का दर्द आपको पसलियों के निचले हिस्से, साइड, पीठ, कमर, पेट के निचले हिस्से, नाभि के आसपास, ब्लैडर, लिङ्ग और योनि में होता है।

किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी) निकालने के घरेलू उपचार – Home remedies for kidney stone in hindi

kidney stone symptoms in hindi

किडनी स्टोन में आपको अपनी डाइट का खास ध्यान रखना होता हैं। अगर पथरी का आकार 5 मिलीमीटर से छोटा हैं तो आप अपने खान -पान के जरिये ही गुर्दे की पथरी को बाहर निकाल सकते हैं। अगर आपको असहनीय दर्द से गुजरना पड़ रहा हैं तो तुरंत आपको अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। ज्यादातर लोग गुर्दे की पथरी को निकालने के लिए घरेलू उपचारों को ही आजमाते हैं। अगर आप इन घरेलू उपायों के साथ डॉक्टर का भी परामर्श लें तो आपको शीघ्र फायदा मिलेगा।

१. पानी गुर्दे की पथरी निकालने में हैं सहायक

अगर आपके गुर्दे में पथरी हैं जिसका आकार छोटा हैं तो रोजाना 8 -10 गिलास पानी पीने से पथरी को आसानी से निकाला जा सकता हैं। जिससे गुर्दे की पथरी मूत्रमार्ग से निकल जाती हैं। छोटी पथरी के लिए आपको इलाज की आवश्यकता नहीं होती है बल्कि पानी ही इसे बाहर निकाल देता है।

२. अनार के जूस से निकाल सकते हैं गुर्दे की पथरी

अनार अपने क्षारीय गुण के कारण पथरी को बनने से रोकता हैं। अनार में मौजूद पौटेशियम क्रिस्टल्स और मिनरल को बनने से रोकता हैं। जिन मिनरल्स और क्रिस्टल से पथरी का निर्माण होता हैं। यह हमारे एसिड के स्तर को सामान्य बनाये रखता हैं। अनार गुर्दे की पथरी के लिए बहुत लाभदायक हैं।

३. तरल पदार्थो का करे सेवन

किडनी स्टोन से छुटकारा पाने के लिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थो का सेवन अति आवश्यक हैं। जैसे- तरबूज , खीरा ,गाजर ,नारियल पानी ,मूली आदि का सेवन कर सकते हैं। इन पदार्थो में पानी की मात्रा ज्यादा पायी जाती हैं जिससे हमारा शरीर हाइड्रेट रहता हैं और पथरी यूरिन के द्वारा बाहर निकल जाती हैं।

४. किडनी स्टोन के लिए विटामिन बी हैं जरुरी

चिकित्सक के अनुसार गुर्दे की पथरी से छुटकारा पाने के लिए विटामिन बी अति आवश्यक हैं। विटामिन बी 100 -150 एमजी की नियमित खुराक लेने से किडनी के स्टोन से निजात पा सकते हैं।

५. रोजाना 5-7 तुलसी के पत्ते का सेवन

तुलसी के अंदर एसिटिक एसिड और तेल मौजूद होता हैं, जो पथरी को तोड़ने में मदद करता हैं। जिससे पथरी छोटे -छोटे टुकड़ो में टूट जाती हैं और मूत्रमार्ग से मूत्रवाहिनी में पहुंचकर मूत्राशय के द्वारा बाहर निकल जाती हैं। इसके लिए हमे रोजाना 5 -7 तुलसी के पत्ते चबाकर खाने चाहिए।

६. प्याज़ का पानी पथरी को निकालने में हैं लाभकारी

दो मध्यम आकर के प्याज़ को एक बड़े गिलास पानी में पकाये और ठंडा होने पर पीस लें। पीसने के बाद इसको छान ले और एक से दो दिन इसका सेवन करे। इसके सेवन से पथरी बाहर निकल जाएगी।

७. चौलाई की सब्जी पथरी का रामबाण इलाज

चौलाई की सब्जी पथरी को को गलाने का कार्य करती है। अगर आप पथरी की समस्या से झूझ रहे हैं तो आपको चौलाई की सब्जी का सेवन करना चाहिए। यह पथरी के लिए रामबाण इलाज है।

८. बेलपत्र का उपयोग भी है लाभकारी

बेलपत्र का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है। जिन लोगों को पथरी की समस्या है वे लोग अगर रोजाना 2 से 3 बेलपत्र को पानी के साथ पीसकर एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर सेवन करें तो पथरी को बाहर निकाला जा सकता है।

९. सेब का सिरका किडनी स्टोन का इलाज

अगर आपने कभी सेब के सिरके का सेवन किया है तो आप जानते होंगे कि वह कितना कड़वा होता है। सेब के सिरके में क्षार के गुण होते हैं जो पथरी को घुलने में मदद करते हैं। आपको दिन में कम से कम 3 बार 1 गिलास गुनगुने पानी में 2 चम्मच सेब का सिरका और शहद डालकर पियें। इससे आपको पथरी को घोलने और निकलने में मदद मिलेगी।

१०. तरबूज का सेवन भी है फायदेमंद

तरबूज स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। इसमें पोटाशियम होता है जो गुर्दे या किडनी को मजबूत बनाता है। तरबूज में पानी की मात्रा भी अधिक होती है जिससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती है। पोटैशियम यूरिन में एसिड लेवल को ठीक रखता है जिससे संक्रमण का खतरा नहीं होता है। पानी की मात्रा शरीर में पूर्ण होने पर पथरी पेशाब के जरिये बाहर निकल सकती है।

गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन) में क्या नहीं खाना चाहिए – Food avoid in kidney stone in hindi

१. किडनी स्टोन होने पर आपको सोडियम (नमक ) का बहुत कम मात्रा में सेवन करना चाहिए।
२. मांस और मछली का सेवन नहीं करना चाहिए।
३. प्रोटीन वाले पदार्थों का कम से कम सेवन करना चाहिए।
४. ऑक्सलेट वाले पदार्थों के सेवन से बचे। जैसे- मूंगफली ,बादाम आदि।
५. डिब्बा बंद खाने से परहेज करना चाहिए।
६. आचार और जंक फ़ूड का सेवन न करें।
७. टमाटर , बैंगन के बीज या बैंगन , उरद और चने की दाल , कच्चा चावल आदि पथरी की समस्या को बढ़ा सकता हैं। पथरी होने पर इनका परहेज करें।
८. कोल्डड्रिंक का सेवन न करें और यूरिक एसिड की मात्रा को न बढ़ने दें।
९. चुकंदर, चॉकलेट, पालक, चाय और ज्यादातर मेवों में ऑक्सलेट पाया जाता है जिससे आपको बचना चाहिए।

गुर्दे (किडनी) की पथरी की रोकथाम और बचाव – Prevention of kidney stone in hindi

१. अधिक मात्रा में पानी पियें।
२. चीनी और नमक का कम से कम सेवन करें।
३. मांस, मछली का कम सेवन करें।
४. ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन से बचें।
५. शरीर में मोटापा न बढ़ने दें।
६. कैल्शियम की मात्रा को अपनी उम्र के हिसाब से सिमित रखें।
७. खाद्य पदार्थों से कैल्शियम लेने का प्रयत्न्न करें क्यूंकि दवाइयां लेने से पथरी होने की सम्भावना रहती है।
८. पथरी की रोकथाम के लिए सोडियम का इस्तमाल कम करें।
९. एक दिन में सोडियम की मात्रा 1500 मिलीग्राम से लेकर 2300 मिलीग्राम तक रहना चाहिए। अगर आपको पहले से ही पथरी है तो आपको सोडियम की मात्रा 1500 मिलीग्राम से नीचे ही रखनी चाहिए।
१०. पथरी का निर्माण करने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
११. जंक फ़ूड, फ़ास्ट फ़ूड, कोल्ड ड्रिंक्स और मैदे से बनी हुई चीज़ों से बचें।
१२. शरीर में मिनरल्स की कमी न होने दें।
१३. हरी सब्जियों और फलों का नियमित सेवन करते रहें।

गुर्दे (किडनी) की पथरी का परीक्षण – Diagnosis of kidney stones in hindi

जब किसी व्यक्ति को गुर्दे के पथरी या किडनी स्टोन होता है तो कुछ परीक्ष्ण करने के बाद ही इसका पता लगाया जा सकता है। ज्यादातर डॉक्टर आपको कुछ टेस्ट करवाने के लिए कहेंगे जिनका विश्लेषण हमने किया हुआ है।

१. ब्लड टेस्ट – Blood test for Kidney stone symptoms in hindi

पथरी की समस्या होने पर डॉक्टर आपको ब्लड टेस्ट करवाने के लिए कहते हैं। ब्लड टेस्ट में दिखाया जाता है कि आपके रक्त में कैल्शियम और यूरिक एसिड की मात्रा कितनी है। ब्लड टेस्ट से और भी जानकारियां पता चलती हैं जिससे डॉक्टर आपको स्वस्थ करने के लिए उचित सलाह एवं दवाइयां दे सकते हैं।

२. यूरिन टेस्ट – Urine test for Kidney stone symptoms in hindi

पथरी के मरीजों के लिए यह टेस्ट बहुत महत्वपूर्ण होता है। डॉक्टर आपसे इस टेस्ट को करवाने की बात अवश्य करेंगे। इससे पता चलता है कि आपके मूत्र में किस तरह के खनिज और एसिड मौजूद हैं। यूरिन टेस्ट से साफ़-साफ पता लगाया जा सकता है कि आपको पथरी की समस्या है या नहीं। इससे डॉक्टर भी समझ जाते हैं कि आपको किस तरह की दवाइयां देनी चाहिए।

३. इमेजिंग टेस्ट – Imaging test for Kidney stone symptoms in hindi

इमेजिंग टेस्ट का अर्थ है कुछ ऐसे परीक्षण जो डॉक्टर के द्वारा पथरी की समस्या होने पर करवाए जा सकते हैं। जैसे: सी टी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड इत्यादि। यह कुछ इस तरह के टेस्ट होते हैं जिससे साफ़ पता लगे जा सकता है कि पथरी कौन सी जगह पर सिमित है और यह कितनी बड़ी है। जिससे डॉक्टर पथरी, पथरी के स्थान और उसके साइज के हिसाब से दवाइयां देने का प्रयत्न्न करते हैं, ताकि समस्या को खत्म किया जा सके।

गुर्दे की पथरी और किडनी स्टोन का इलाज – Kidney stone treatment and symptoms in hindi

पथरी की समस्या को ठीक करने के लिए विभिन्न प्रकार की दवाइयों और तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है:-

१. युरेटेरोस्कोपी

इस प्रक्रिया का इस्तेमाल तब किया जाता है जब पथरी मूत्रवाहिनी या मूत्राशय में फंस जाती है। ऐसी समस्या होने पर डॉक्टर एक खास तकनीक का इस्तेमाल करते हैं जिसे युरेटेरोस्कोपी कहा जाता है। इस तकनीक में एक तार जिसपर एक कैमरा लगा होता है जिसे पेशाब वाली नली में डाला जाता है और मूत्राशय तक लेकर जाया जाता है। इस तकनीक के द्वारा पथरी निकालने के लिए एक छोटे से जाल या पिंजरे का इस्तेमाल किया जाता है, और पथरी को बाहर निकल दिया जाता है।

२. लिथोट्रिप्सी

इस प्रकार की तकनीक का इस्तेमाल तब किया जाता है जब पथरी का आकार बड़ा हो, और उसे तोड़ने के लिए ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे पथरी टूट कर मूत्राशय तक पहुँच सके और यूरिन के माध्यम से बाहर आ सके। इस प्रक्रिया को करते समय डॉक्टर आपको एनेस्थीसिया की सलाह दे सकते हैं।

३. परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी

इस तकनीक का इस्तेमाल डॉक्टर आपकी पीठ में एक चीरे के माध्यम से कर सकते हैं। यह भी एक प्रक्रिया है जिससे पथरी को बाहर निकाला जाता है। यह तब आवश्यक हो जाती है जब पथरी गुर्दों को नुक्सान पहुँचाने लगती है और संक्रमण फैलाने लगती है। इसका उपयोग आवश्यक होता है जब पथरी इतनी बड़ी है कि बाधा उत्पन्न करती है और जिससे आसानी से निकाला नहीं जा सकता है और इतना ज्यादा दर्द होता है कि उसे नियंत्रण में नहीं लाया जा सकता।

४. दवाइयां

पथरी या किडनी स्टोन के इलाज में दर्द से राहत पाने के लिए कुछ दवाइयों की आवश्यकता होती है। अगर किसी व्यक्ति को संक्रमण हो जाता है तो उसका इलाज एंटीबायोटिक दवाइयों से किया जा सकता है। लेकिन पथरी के इलाज के लिए कुछ अन्य दवाइयां भी दी जाती हैं जैसे:-

१. एलोप्यूरिनोल। (यूरिक एसिड स्टोन के लिए ज्यादार प्रयोग में लायी जाती है)
२. ड्यूरेटिक दवाइयां।
३. सोडियम बाइकार्बोनेट।
४. फास्फोरस घोल इत्यादि।

नोट: कृपया ध्यान रहे कि बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का सेवन न करें। ऐसा करने पर आपको नुकसान भी हो सकता है।

बिना सर्जरी के किडनी स्टोन (पथरी) हटाना – kidney stone removal without surgery in hindi

ज्यादातर मामलों में पथरी या किडनी स्टोन को बिना ऑपरेशन (सर्जरी) के द्वारा निकाल लिया जाता है। सिर्फ कुछ ही मामलें ऐसे देखने को मिलते हैं जिनमे सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है। यह कुछ ऐसे मामले होते हैं जिसमे पथरी और उसके दर्द को नियंत्रण में नहीं लाया जा सकता है। कई बार पथरी इतनी बड़ी होती है कि मूत्रवाहिनी में फंस जाती है और गुर्दों को नुक्सान पहुंचाने लगती है। इस दौरान भी सर्जरी का उपयोग किया जा सकता है।

अगर आप चाहते हैं कि पथरी का इलाज बिना सर्जरी के किया जाए तो आपको इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़कर बताई हुई बातों का अनुसरण करना होगा। आपके शरीर में किसी तरह की कोई कमी नहीं होनी चाहिए और न ही अधिकता होनी चाहिए। आपको अपनी डाइट का ख़ास तौर पर ध्यान देना आवश्यक होता है। अगर आपको बताये हुए कोई भी लक्षण नज़र आते हैं तो बिना देरी किये टेस्ट करवा लें। डॉक्टर से सलाह जरूर लें तो पूरी सम्भावना है कि आपको सर्जरी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

किडनी स्टोन के लिए सबसे अच्छा खाना – Best food for Kidney stone symptoms in hindi

१. नीम्बू का रस।
२. सेब का सिरका।
३. अनार।
४. बिच्छू पत्तियां।
५. तुलसी।
६. राजमा।
७. तरबूज।
८. बेलपत्र।
९. चौलाई।
१०. प्याज का पानी इत्यादि।

किडनी स्टोन में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले प्रश्न – Most frequently asked questions in Kidney stone symptoms in hindi

किडनी में पथरी होने से क्या दिक्कत (समस्या) होती है?

पेशाब करने में कठिनाई और दर्द , मूत्र में रक्त या फिर उल्टी हो सकती है। मूत्र से रेत जैसे कठोर कण निकल सकते हैं। पेशाब करने में बाधा उत्पन्न होती है और दर्द होता है।

पथरी की पहचान कैसे की जाती है?

१. मूत्र (यूरिन ) का बार बार आना महसूस होना।
२. पसलियों के नीचे, साइड और पीठ में गंभीर दर्द होना।
३. पेट के निचले हिस्से में दर्द।
४. कभी धीमा दर्द तो कभी तेज दर्द का होना।
५. पेशाब करने में जलन होना या दर्द होना।
६. यूरिन में खून आना और यूरिन का गाढ़ा होना।
७. मूत्र का एक समय में बहुत कम मात्रा में आना।
८. गुलाबी, लाल तथा भूरे रंग का पेशाब आना।
९. सामान्य से अधिक बार पेशाब आना।
१०. मूत्र (यूरिन ) में गंद आना और मूत्र करते समय तीव्र आवश्यकता महसूस होना।
११. पुरुष को लिंग की नोक पर दर्द महसूस होना।

किडनी या गुर्दे की पथरी का दर्द कहाँ होता है?

गुर्दे की पथरी का दर्द आपको पसलियों के निचले हिस्से, साइड, पीठ, कमर, पेट के निचले हिस्से, नाभि के आसपास, ब्लैडर, लिङ्ग और योनि में होता है।

किडनी या गुर्दे की पथरी कितने दिन में बाहर निकलती है?

यह पथरी की बनावट और साइज पर निर्भर करता है। अगर आप पूरा ध्यान रखते हैं तो एक से दो सप्ताह में गुर्दे तथा मूत्राशय की पथरी गल कर बिना ऑपरेशन के बाहर आ जाती है।

किडनी की पथरी को जड़ से कैसे खत्म किया जा सकता है?

किडनी की पथरी को जड़ से कभी खत्म नहीं किया जा सकता है। इसका कारण यह है क्यूंकि यह नमक और मिनरल से मिलकर बनती है। जिसका सेवन हम नियमित रूप से करते रहते हैं। हमारे गुर्दे में लगातार छोटे-छोटे कण बनते रहते हैं जो पेशाब के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं या फिर किडनी में ही मौजूद रहते हैं। अगर शरीर में पानी की मात्रा कम हो तो यह ठोस रूप लेने लगते हैं जिससे पथरी बड़ी होती जाती है। पानी की मात्रा अच्छी होने पर यह मूत्र के द्वारा निकल जाते हैं।

किडनी की पथरी कितने mm तक की होती है?

किडनी की पथरी लगभग सभी साइज की होती है। यह रेत के कण जितनी छोटी और गोल्फ गेंद जितनी बड़ी हो सकती है। अगर पथरी 5 mm तक की है तो बिना ऑपरेशन के भी बाहर निकल सकती है, लेकिन उसके लिए सही इलाज और पानी का खूब सेवन जरूरी है। अगर पथरी 6.5 mm से ज्यादा है तो बिना ऑपरेशन बाहर निकालना संभव नहीं होता, जब तक पथरी को छोटे-छोटे टुकड़ों में न तोड़ दिया जाये।

किडनी की पथरी का दर्द कब तक रहता है?

किडनी की पथरी का दर्द 10 से 15 मिनट तक लगातार बना रह सकता है। यह इतना गंभीर होता है कि सहन करना बहुत मुश्किल होता है। यह दर्द थोड़ी-थोड़ी देर में उठता रहता है। कभी-कभी यह बहुत लम्बा भी बना रहता है।

किडनी की पथरी का दर्द कैसे बंद किया जा सकता है?

किडनी की पथरी का दर्द या तो उसे बाहर निकालकर ही बंद किया जा सकता है या फिर दवाइयों के जरिये दर्द को कम किया जा सकता है। अश्वगंधा की जड़ों का गुनगुना रस पीने से भी पथरी का दर्द कम किया जा सकता है।

पेशाब की नली से कितने mm की पथरी निकाली जा सकती है?

किडनी की पथरी किडनी के अंदर या मूत्र मार्ग में छोटे-छोटे पत्थर जैसी कठोर वस्तुएं होती हैं। जिनका साइज अलग-अलग हो सकता है। कई बार पानी या अन्य तरल पदार्थों का अधिक सेवन करने से पथरी खुद बाहर निकल जाती हैं लेकिन कई बार साइज बड़ा होने से इसका इलाज कराना बहुत जरूरी होता है।

किडनी की पथरी में पत्थरचट्टा का उपयोग कैसे किया जाता है?

पथरी की समस्या के लिए पत्थरचिट्टा आपकी सेहत के लिए रामबाण औषधि का काम करता है। इसके लिए आपको पत्थरचट्टा के पत्तों का गुनगुने पानी के साथ सेवन करना है। ऐसा रोज करने से आपको पथरी की समस्या से राहत मिलेगी। अच्छे परिणाम के लिए इसके 2 पत्तों का खाली पेट सेवन करें।

निष्कर्ष – Conclusion for Kidney stone symptoms in hindi

किडनी या गुर्दे की पथरी एक बहुत बड़ी समस्या नहीं है लेकिन इसका दर्द बहुत ही खतरनाक होता है, जो कि असहनीय होता है। इसीलिए इस बीमारी को बड़ी बिमारियों में गिना जाता है। किन्तु आपको घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि इसे बहुत आसानी से बाहर निकाला जा सकता है। अगर आपको कुछ पथरी के हलके-हल्के लक्षण दिखाई देते हैं तो घरेलू उपचार अपनाना शुरू कर दें और जिन चीज़ों से बचने के लिए बताया गया है उनका अनुसरण करना शुरू कर दें।

अगर पथरी का आकार छोटा हुआ तो वह पेशाब के जरिये बाहर निकल जाएगी। अगर आपको कुछ ज्यादा ही दर्द हो रहा है और लक्षण ज्यादा नज़र आ रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ और टेस्ट करवाने के बाद उनसे उचित सलाह और दवाइयां लें। इसके साथ-साथ बताये हुए उपचारों को भी ध्यान में रखें। इससे आपको तुरंत राहत मिलेगी और पथरी बाहर निकल जाएगी।

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