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पुरुष और महिलाएं अपना वजन कैसे बढ़ाये?

by Foggfitness

पुरुष और महिलाएं अपना वजन कैसे बढ़ाये। How to gain weight in hindi?

How to gain weight in hindi: आजकल के व्यस्त जीवन में हर कोई चाहता है कि वे फिटनेस में बहुत तेजी से लक्ष्य हासिल करें। लेकिन हम आपको एक बात बताना चाहते हैं कि यह हमारे शरीर पर निर्भर करता है कि आपका शरीर कितनी तेजी से आपकी मांसपेशियों को बढ़ाता है और आपका वजन बढ़ाता है। हम दो प्रकार से अपना वजन बढ़ा सकते हैं, पहला है, मांसपेशियों को इकट्ठा करके और दूसरा, वसा को स्टोर करके। दूसरा तरीका वजन बढ़ाने के लिए आसान है लेकिन हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। जब आप अपने शरीर में केवल वसा जमा करते हैं तो आप इस तरह के उच्च रक्तचाप, मधुमेह आदि के द्वारा कई बीमारी पैदा करते हैं। लेकिन जब आप अपने शरीर में केवल मांसपेशी द्रव्यमान प्राप्त करते हैं तो आप बहुत फिट, स्वस्थ और स्मार्ट दिखते हैं।

अगर आप अपनी मांसपेशियों को मजबूत करके अपना वजन बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं तो हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे। हम आपको साइंस के तरीके से समझाने की कोशिश करेंगे कि कैसे आप अपना वजन तेजी से बढ़ा सकते हैं। अगर आप मोटे होना चाहते हैं तो उसके लिए आपको कुछ नहीं करना है सिर्फ खाने पर ध्यान देना है। इसके अलावा इस आर्टिकल में मोटे होने वालों के लिए कुछ भी नहीं है। लेकिन अगर आप फिटनेस को हासिल करके, अपने शरीर की मांसपेशियों को बढ़ाकर, शरीर को स्वस्थ रखते हुए और एक अच्छा आकार पाकर अपना वजन बढाना चाहते हैं तो आपको इस आर्टिकल को पूरा पढ़ना चाहिए।

यहाँ पर हम आपको कुछ ऐसा बताने वाले हैं जो कि बहुत ही आसान है और शायद आप सभी जानते भी होंगे। वजन बढ़ाने का दूसरा नाम है “हाइपरट्रॉफी” और इसके तीन चरण होते हैं जिनके बारे में हम जानने की कोशिश करेंगे। यही वो तीन चरण हैं जिनसे आप स्वस्थ तरीके से अपने वजन को बढ़ा सकते हैं।

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हाइपरट्रॉफी क्या होता है – What is hypertrophy and how to gain weight in hindi

इसका अर्थ होता है कि शरीर में मसल सेलों की संख्या में वृद्धि किये बगैर मौजूदा वर्तमान सेलों के आकार में वृद्धि करना। आप में से कुछ समझ गए होंगे लेकिन कुछ को अभी तक समझ नहीं आया होगा तो उनको हम अच्छे से समझाने की कोशिश करते हैं। हमारी मांसपेशियों का निर्माण सेलों के समूह से होता है। यह सेल इतने ज्यादा पतले/बारीक़ होते हैं कि जिन्हे हमारी आँखे देख भी नहीं पाती हैं। अगर आप मांसपेशियों को ध्यान से देखने की कोशिश करेंगे तो आपको कुछ दागों की तरह दिखाई देंगी। इसलिए सेलों के समूह को मांसपेशी कहा जाता है। हाइपरट्रॉफी से हमारे शरीर में मांसपेशियों की वृद्धि नहीं होती है बल्कि उनका आकार बढ़ने लगता है। इसी आकर के कारण हमारा शरीर स्वस्थ, सुडोल और आकर्षक दिखाई देता है। अब हम इसके उन तीन चरणों को जानेंगे जिनसे हम अपने वजन को बढ़ा सकते हैं।

१. प्रोग्रेसिव ओवरलोड

यह वह सिद्धांत है जिस पर आपकी वेट ट्रेनिंग आधारित होती है। जो हर प्रकार के वर्कआउट पर लागू होता है चाहे वह स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हो या कार्डिओवैस्क्युलर ट्रेनिंग हो या फिर फ्लेक्सिबिलिटी हो। हम शरीर पर ऐसा वर्कलोड डालते हैं जिसका हमारी मांसपेशियों को अभ्यास नहीं होता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि शरीर अपने आप को इस लोड के अनुसार ढालने की कोशिश करे। इसका मुख्य उद्देश्य मांसपेशियों में ब्रेकडाउन करना होता है और शरीर इसकी मरम्मत के दौरान इनका आकार को लोड के अनुसार बढ़ा देता है ताकि जब दोवारा हम उतना ही वजन उठाने की कोशिश करें तो मांसपेशियों को कोई नुक्सान न हो। लेकिन जब भी हमें ऐसा लगे की इतना वजन हम बहुत आसानी से उठा सकते हैं तो ओवरलोड को बढ़ाना अनिवार्य हो जाता है। अन्यथा मांसपेशियों में दोवारा कोई टूट-फूट नहीं होगी और मांसपेशियों का आकार नहीं बढ़ेगा।

इस बात को एक उदाहरण से समझा जा सकता है। मान लीजिये कि आप बाइसेप्स का वर्कआउट कर रहे हैं और उसमे डंबल कर्ल्स एक्सरसाइज कर रहे हैं। लेकिन आपको 5 किलोग्राम के डंबल से 12 रिपीटिशन निकलने हैं जो की आपके शरीर के लिए बहुत कठिन कार्य है। जब आप इस वजन से इस एक्सरसाइज को करेंगे तो आपके बाइसेप्स के मसल में टूट-फूट होगी। लेकिन हमारा शरीर एक ऐसी मशीन है जो कि शरीर को हमेशा स्वस्थ रखना चाहती है। अब जहाँ पर कोई टूट-फूट हुई है और अगर आप सही पोषण लेते हैं तो शरीर उस मसल को रिपेयर करने में लग जाएगा। उस मसल के आकर को भी बढ़ा देगा ताकि जब आप दोवारा उस वजन को उठायें तो मांसपेशियों को कोई नुक्सान न हो। आपका मसल पहले की तुलना में थोड़ा बढ़ा हो जायेगा ताकि उस दवाब से बचा जा सके।

अब आपको अगर बाइसेप्स का आकार बढ़ाना है तो उस मांसपेशी में दोवारा से ब्रेकडाउन करना होगा। अब उसके लिए आपको पहले से ज्यादा वजन उठाना होगा या आपको पहले की तुलना में ज्यादा स्पीड से व्यायाम करना होगा या फिर आपको रिपीटिशन की संख्या को बढ़ाना होगा। जिससे आपके मसल में दोवारा से टूट-फूट होगी और आपके द्वारा लिए गए पोषण की वजह से शरीर उसको फिर ठीक करेगा और उसका आकार भी बढ़ा देगा। अब आपका बाइसेप्स थोड़ा और बढ़ा हो जायेगा। यही प्रक्रिया शरीर के सभी मांसपेशियों में भी लागू होती है।

इस प्रकार की प्रगति को ही प्रोग्रेसिव ओवरलोड कहा जाता है जिसके बिना आपकी मांसपेशियों का बढ़ा होना और शरीर का वजन बढ़ना असंभव है। लेकिन अभी जो 2 चरण बाकी हैं उनके बिना यह किसी काम का नहीं है। आपको तीनो चरणों को ध्यान से समझना होगा जिससे आपको वजन बढ़ाने में बहुत सहायता मिलेगी।

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2. आराम व रिकवरी

जब प्रोग्रेसिव ओवरलोड किसी मांसपेशी में डालने के बाद उसमे जो ब्रेकडाउन होता है तब उस मसल की थकान को मिटाने के लिए आराम की सही अवधि अनिवार्य हो जाती है ताकि शरीर उस मांसपेशी की मरम्मत का कार्य शुरू कर सके। आपको एक बात का ध्यान रखना होगा कि आपका शरीर मरम्मत का काम उसी समय शुरू करता है जब आप आराम की अवस्था में होते हैं। मसल में टूट-फूट होने के बाद उस मांसपेशी की मरम्मत का कार्य शुरू हो जाता है। लेकिन मरम्मत के लिए एक निश्चित अवधि का होना बहुत आवश्यक है।

अगर आप मांसपेशियों को आराम नहीं देंगे तो उनकी मरम्मत नहीं हो पायेगी और आप रोजाना वर्कआउट के दौरान मांसपेशियों की टूट-फूट करते रहेंगे जिससे मसल में वृद्धि होने के बजाये यह कम होने लगेंगे। आपको यह हमेशा याद रखना होगा की जिम में सिर्फ मांसपेशियों की टूट-फूट होती है। मरम्मत का कार्य आराम की अवस्था में होता है जिससे मांसपेशियों का आकर बढ़ने लगता है। फिर एक समय ऐसा भी आता है जब आपका शरीर एक अच्छा आकार पा लेता है और शरीर मजबूत होने के साथ-साथ वजन भी बढ़ जाता है। आपको हाइपरट्रॉफी के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ेगा जिससे की शरीर पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।

  1. आपको पर्याप्त अच्छी और गहरी नींद (दिन में लगभग 8 घंटे) लेनी चाहिए ताकि शरीर अपना कार्य कर सके।
  2. एक सप्ताह में 5 बार से ज्यादा आपको वेट ट्रेनिंग नहीं करनी चाहिए।
  3. आपको जिम में उतना ही वजन उठाना चाहिए जिससे आप ज्यादा से ज्यादा 8 से 12 रिपीटिशन ही कर सकें। लेकिन वजन उठाने में ज्यादा जबरदस्ती न करें अन्यथा आपको चोट भी लग सकती है और उसका परिणाम बहुत घातक हो सकता है।
  4. आपको वेट ट्रेनिंग का कार्यक्रम कुछ इस तरह से बनाना चाहिए जिससे शरीर के अलगअलग अंगों की ट्रेनिंग एक ही समय पर न हो। उदाहरण के लिए, पीठ की ट्रेनिंग के अगले दिन पैरों की ट्रेनिंग करना अच्छी बात नहीं है। आपको अपने कार्यक्रम को कुछ इस तरह से बनाना चाहिए ताकि शरीर को मरम्मत के लिए समय मिल सके।

3. पोषण

प्रोग्रेसिव ओवरलोड से होने वाली पर्याप्त टूट-फूट और इसके बाद पर्याप्त आराम व रिकवरी से हाइपरट्रॉफी तब तक नहीं होगी जब तक आपके शरीर में भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों की सही मात्रा न हो। हमारी मांसपेशियों का निर्माण और रिकवरी करने के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है क्योंकि इसमें वो सभी प्रकार के एमिनो एसिड पाए जाते हैं जिनसे मांसपेशियों की रिकवरी संभव हो सके। वजन बढ़ाने के लिए आपको अपने वर्तमान वजन से दो गुना प्रोटीन लेना आवशयक है।

इसके साथ-साथ आपको जटिल कार्बोहइड्रेट का भी सेवन करना चाहिए क्योंकि यह प्रोटीन को वर्बाद नहीं होने देगा। कार्बोहइड्रेट शरीर में ईंधन का काम करता है क्योंकि इससे शरीर को ऊर्जा प्रदान होती है। जब हमारा शरीर मरम्मत के कार्य में जुटा होगा तब उसको मरम्मत के लिए ऊर्जा की भी आवश्यकता होती है। मसल की मरम्मत का कार्य सिर्फ प्रोटीन ही कर सकता है, कार्बोहइड्रेट और फैट भी मिलकर प्रोटीन का कार्य नहीं कर सकते हैं। जटिल कार्बोहइड्रेट बहुत धीमी गति से पचते हैं जिससे शरीर में काफी लम्बे समय तक ऊर्जा बनी रहती है। यह प्रोटीन को मरम्मत के कार्य के लिए बचाकर रखता है।

पोषण में फैट की भी बहुत बड़ी भूमिका होती है और यह हानिकारक नहीं होते हैं। एक बात का ध्यान रहे हम खाने वाले फैट की बात कर रहे हैं। 1 ग्राम फैट में 9 कैलोरी होती हैं जो की प्रोटीन और कार्बोहइड्रेट से कहीं ज्यादा है। आप दिन में जितनी भी कैलोरी का सेवन करते हैं उनमे कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा फैट से मिलने वाली कैलोरी का होना चाहिए। ये फैट इतने ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं कि इन्हे अनिवार्य फैटयुक्त एसिड भी कहा जाता है।

हमें आहार में अनसैचुरेटेड फैट का ही इस्तेमाल करना चाहिए जैसे, जैतून का तेल, मूंगफली का तेल, सोयाबीन का तेल या फिर राई का तेल आदि। ये इन्सुलिन का संतुलन बनाये रखते हैं और मेटाबोलिज्म को मजबूत बनाने में हमारी मदद करते हैं। आपको हानिकारक फैट से हमेशा दूर रहना चाहिए क्योंकि यह हमारे शरीर पर बहुत बूरा प्रभाव डालते हैं जिन्हे हम सैचुरेटेड फैट के बारे में भी जानते हैं। इसलिए प्रोग्रेसिव ओवरलोड और आराम व रिकवरी के बाद हाइपरट्रॉफी तभी हो पायेगी जब आप अपने शरीर को पोषण प्रदान करेंगे।

निष्कर्ष

निष्कर्ष के रूप में यह कहा जा सकता है कि इन तीनो चरणों में कोई भी एक चरण किसी दुसरे चरण से अधिक महत्वपूर्ण नहीं है। यह सभी तीन चरण एक-दुसरे पर निर्भर रहते हैं। किसी एक के भी कम या ज्यादा होने से आपको अपरिणाम नहीं मिल सकते। इसलिए पूरी ईमानदारी के साथ आप इन तीनो चरणों का अनुसरण करें। जिससे आप बहुत ही शीघ्र अपना वजन बढ़ा सकते हैं और शरीर को स्वस्थ, सुडोल और आकर्षक बना सकते हैं।

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