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बालतोड़ के प्रकार, कारण, लक्षण, इलाज, घरेलू उपचार और परहेज | Baltod treatment in hindi

by Foggfitness
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Baltod treatment in hindi: बालतोड़ एक ऐसी समस्या है जिसे फुंसी से फोड़ा बनने में ज्यादा वक़्त नहीं लगता है। जिसमे असहनीय दर्द होता है और उसके अंदर मवाद भर जाता है। जब शरीर के किसी भी हिस्से से बाल जड़ से उखड जाता है तो वहां पर सबसे पहले फुंसी सी बन जाती है। अगर इसका ध्यान न रक्खा जाये तो इसमें मवाद भरने लगता है और यह फोड़े का रूप ले लेता है। कई बार त्वचा संक्रमण के कारण भी यह समस्या उत्त्पन्न हो जाती है।

यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है बल्कि इसे घर पर ही आसानी से ठीक (Baltod treatment in hindi) किया जा सकता है। लेकिन यह बात सच है कि इसमें बहुत ज्यादा दर्द होता है जो कि असहनीय होता है। यह समस्या शरीर के ज्यादातर उस हिस्से में होती है जहाँ पर ज्यादा बाल होते हैं।

कपड़ों की रगड़ से कई बार बाल जड़ से उखड जाते हैं जिससे उस स्थान पर एक गाँठ सी बन जाती है। कई बार यह गाँठ अपने आप ठीक हो जाती है लेकिन कई बार इसमें मवाद भर जाता है और यह गंभीर रूप ले लेता है। जिसे हम बालतोड़ के नाम से जानते हैं। इस समस्या के दौरान आपको डॉक्टर के पास जाने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। इसे आप घरेलू उपचारों के साथ बड़ी ही आसानी से ठीक कर सकते हैं।

बालतोड़ क्यों होता है? – Baltod treatment in hindi

यह एक ऐसी समस्या है जो किसी भी व्यक्ति को हो जाए तो कुछ समय के लिए उसे गंभीर दर्द से गुजरना पड़ता है जो की असहनीय हो जाता है। यह समस्या शरीर के किसी भी हिस्से में हो जाती है। बालों के टूटने या जड़ से उखड जाने पर एक गाँठ सी बन जाती है। धीरे-धीरे उसमे मवाद भरने लगता है और यह फोड़े के रूप में तब्दील हो जाती है। जिसे बालतोड़ के रूप में जाना जाता है। यह त्वचा पर होने वाला एक प्रकार का संक्रमण होता है जो कि बालों के टूटने या जड़ से उखड जाने के कारण होता है।

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बालतोड़ के प्रकार – Different Types of Baltod in Hindi

बालतोड़ समान्यतः 3 प्रकार के होते हैं –

१. नासूर (Carbuncle)- यह एक तरह का त्वचा संक्रमण है, जिसमें अक्सर बालों के रोम का एक समूह शामिल होता है। इससे संक्रमित स्थान पर एक गांठ बन जाती है, जो त्वचा की गहराई में होती है और इसमें अक्सर मवाद बन जाती है।

२. हिड्राडेनाइटिस सुपराटीवा (Hidradenitis Suppurativa)- यह क्रोनिक त्वचा रोग है। इसमें दर्द होने के साथ ही फोड़े जैसी गांठ भी बन जाती है। यह समस्या अक्सर उन भागों में होती है, जहां त्वचा एक साथ रगड़ती है, जैसे कि बगल और जांघों के ऊपरी भाग में ज्यादातर होती है।

३. पायलोनिडल सिस्‍ट (Pilonidal Cyst)- यह ऐसी समस्या है, जो नितंबों के बीच क्रीज में एक हेयर फॉलिकल के चारों ओर बनता है। इस इन्फेक्शन के कारण फोड़ा हो जाता है। इसलिए, इसे भी बालतोड़ का एक प्रकार कहा जा सकता है।

बालतोड़ होने के कारण – Causes of Baltod in Hindi

  • त्वचा की समय-समय पर साफ सफाई ना करने के कारण भी यह समस्या हो सकती है।
  • केमिकल युक्त प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से भी समस्या हो सकती है।
  • जिन लोगों की इम्यूनिटी बेहद कमजोर होती है या जिन लोगों के शरीर में पोषक तत्वों की कमी होती है उनमें भी बालतोड़ की समस्या ज्यादा देखी जा सकती है।
  • एक जीवाणु जो स्टेफिलोकोक्कस ऑरियस बैक्टीरिया के नाम से जाना जाता है। यह घाव या चोट के रास्ते शरीर में पहुंचता है और बाल कूप में जाकर इन्फेक्शन की समस्या को पैदा कर सकता है। इसके कारण भी बलतोड़ की समस्या हो सकती है।
  • मधुमेह की समस्या है तब भी बालतोड़ की समस्या हो सकती है।
  • नाक के अंदर जीवाणु जमा होने से भी यह हो सकता है।
  • त्वचा को हानि पहुंचाने वाले रसायनों के कारण भी यह समस्या होती है।
  • शरीर के कुछ हिस्से जो आपस में रगड़ खाते हैं वहां पर भी बालतोड़ की समस्या होती है।
  • बालों के जड़ से उखाड़ने और टूटने पर भी बालतोड़ हो सकता है।

बालतोड़ के लक्षण – Symptoms of Baltod in Hindi

  • फोड़े के चारों ओर त्वचा लाल रंग की नजर आने लगती है।
  • फोड़े और उसके आसपास सूजन आ जाती है। इसके कारण असहनीय दर्द होता है।
  • कुछ दिनों के बाद इसमें गांठ बनने लगती है, फिर इसमें मवाद भरनी शुरू हो जाती है।
  • कुछ लोगों को इससे बुखार भी आ सकता है तथा कमजोरी व थकावट महसूस हो सकती है।

बालतोड़ ठीक करने के लिए घरेलू उपचार – Home Remedies & Baltod treatment in hindi

1. टी ट्री तेल – Tea tree oil for boils in hindi

  • संवेदनशील त्वचा के लिए टी ट्री तेल बेहद गुणकारी साबित होता है।
  • आयुर्वेद में इसका प्रयोग कील-मुंहासों, बालतोड़ व त्वचा से संबंधित अन्य समस्याओं के लिए किया जाता है।
  • टी ट्री ऑयल में एंटीसेप्टिक व एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। इन गुणों के कारण टी ट्री ऑयल बालतोड़ का कारण बनने वाले बैक्टीरिया पर प्रभाव दिखाता है।
  • बालतोड़ के इलाज के लिए टी ट्री आयल का उपयोग किया जा सकता है।
  • आप टी ट्री ऑयल को प्रभावित स्थान पर रूई के माध्यम से लगाएं और कुछ समय बाद उस स्थान को साफ कपड़े से पोंछ लें।
  • इसके प्रयोग के दौरान ये ध्यान रखें कि यह तेल त्वचा के अन्दर न जाने पाए।
  • इस तेल के इस्तेमाल से बालतोड़ की समस्या जल्द ही ठीक की जा सकती है।
  • इसे आप रोजाना 2 से 3 बार लगा सकते हैं जब तक बालतोड़ की समस्या ठीक न हो जाये।
Tea tree oil for boils in hindi
टी ट्री तेल

2. हल्दी – Turmeric for boils in hindi

  • हल्दी में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल जैसे प्रभावी गुण पाए जाते हैं।
  • यह बालतोड़ और उससे होने वाले दर्द को कम करने में मदद कर सकती है।
  • शरीर में कहीं पर भी चोट लगी हो या फिर संक्रमण हुआ हो, इसके लिए हल्दी से बेहतर और कुछ नहीं हो सकता।
  • बालतोड़ के इलाज में भी हल्दी का प्रयोग किया जा सकता है।
  • हल्दी और पानी को मिलाकर एक लेप तैयार करें।
  • हल्दी को फोड़े के स्थान पर लगाएं और कुछ समय के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
  • बालतोड़ के घरेलू उपाय के रूप में हल्दी का इस्तेमाल करना सुरक्षित है।
  • आप इसके लेप को दिन में 2 से 3 बार इस्तेमाल कर सकते हैं जब तक बालतोड़ ठीक न हो जाए।
Turmeric for boils in hindi
हल्दी

3. लहसुन – Garlic for boils in hindi

  • आयुर्वेद में लहसुन के भी कई फायदे बताए गए हैं।
  • लहसुन के प्रयोग से बालतोड़ के सबसे अहम जीवाणु स्टेफिलोकोकस ऑरियस को बढ़ने से रोका जा सकता है।
  • लहसुन में एलिसिन नामक तत्व पाया जाता है, जो एंटीऑक्सीडेंट व एंटीबैक्टीरिया की तरह काम कर सकता है।
  • फोड़े फुंसी का इलाज और फुंसी हटाने के उपाय के रूप में लहसुन का उपयोग किया जा सकता है।
  • लहसुन की एक या दो कलियों को अच्छे से पीसकर उसका पेस्ट तैयार करें।
  • इसे बालतोड़ वाली जगह पर लगाएं और 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे बालतोड़ की समस्या को ठीक किया जा सकता है।
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लहसुन

4. प्याज – Onion for boils in hindi

  • फुंसी हटाने के घरेलू उपचार के रूप में प्याज भी कारगर साबित होता आया है।
  • प्याज में एंटीबैक्टीरियल व एंटीमाइक्रोबियल तत्व होते हैं, जो विभिन्न तरह के संक्रमण खासकर स्टेफिलोकोकस ऑरियस से निपटने में काम आते हैं। साथ ही इसमें फेनोलिक एसिड भी होता है, जो किसी भी प्रकार के संक्रमण को पनपने से रोक सकता है।
  • इसे बालतोड़ या फोड़े को ठीक करने की दवाई भी कहा जा सकता है।
  • प्याज को छीलकर उसकी एक फांक निकालें और फोड़े के ऊपर रखें जिससे वह अच्छे से ढक जाए।
  • उसके ऊपर कुछ देर के लिए कपडा बाँध दें।
  • प्याज की गर्मी से फोड़ा जल्दी पक जायेगा और उसमे से मवाद बाहर निकल जाएगी। इसके बाद बालतोड़ धीरे-धीरे ठीक हो जायेगा।
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प्याज

5. एलोवेरा – Aloe vera for boils in hindi

  • एलोवेरा के फायदों से आप भली भांति परिचित होंगे।
  • एलोवेरा का प्रयोग न सिर्फ सुंदरता बढ़ाने के लिए, बल्कि त्वचा से जुड़ी विभिन्न प्रकार की बीमारियों और संक्रमण में भी किया जा सकता है।
  • एलोवेरा में भी एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो बालतोड़ जैसे संक्रमण को ठीक करने में मदद कर सकते हैं।
  • इसे प्रभावित जगह पर लगाने से किसी भी तरह की जलन नहीं होती है।
  • इसके लिए आप एलोवेरा की पत्ती से जेल निकालकर उसे फोड़े वाली जगह पर लगाएं।
  • इसे कुछ समय के लिए ऐसे ही लगे रहने दें। बालतोड़ से होने वाली जलन से जल्द छुटकारा मिलता है।
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एलोवेरा

6. नीम – Neem for boils in hindi

  • नीम और इसके फायदों से भी आप भली भांति परिचित होंगे।
  • नीम में एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुण होता है।
  • यह बालतोड़ को आपके शरीर से बिना किसी साइड इफेक्ट के दूर कर देता है।
  • इसके लिए मुट्ठी भर नीम की पत्तियों को पीसकर लेप बना लें और इसे लगा लें।
  • ऐसा आप लगातार करें जब तक बालतोड़ की समस्या ठीक न हो जाए।
baltod treatment in hindi
नीम

7. एप्पल साइडर विनेगर – Apple cider vinegar for boils in hindi

  • एप्पल साइडर विनेगर भी बैक्टीरिया को ख़त्म करने में मदद करता है।
  • यह बहुत ही असरदार तरीके से बैक्टीरिया पर हमला कर उसे नष्ट कर देता है।
  • इसके किसी तरह के कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं होते हैं।
  • आप रुई की सहायता से इसे बालतोड़ पर इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • रुई को विनेगर में भिगोएं और उसे बालतोड़ वाली जगह पर रख दें।
  • 10 से 15 मिनट के लिए इसे ऐसे ही रखा रहने दें। आप देखेंगे कि इससे आपको आराम मिलने लगेगा।
Apple cider vinegar for boils in hindi
एप्पल साइडर विनेगर

8. गर्म कपडे से सिकाई – Warm cloth with water for boils in hindi

  • बालतोड़ की समस्या में जहाँ फोड़ा बन जाता है वहां रक्त संचार धीमा पड़ जाता है।
  • रक्त के संचार को सही करने के लिए फोड़े वाली जगह पर गर्म कपडे से सिकाई की जाती है।
  • एक कटोरे में गर्म पानी करें और उसमे कपडे को भिगोकर बालतोड़ वाली जगह पर सिकाई करें।
  • इससे काफी आराम मिलेगा और बालतोड़ को ठीक करने में मदद मिलेगी।
Warm cloth with water for boils in hindi
गर्म कपडे से सिकाई

9. मकई का आटा – Corn flour for boils in hindi

  • मकई के आटे का उपयोग करके बालतोड़ से छुटकारा पाया जा सकता है।
  • मकई में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो बैक्टीरियल संक्रमण के समस्या से निजात दिला सकते हैं।
  • बालतोड़ एक बैक्टीरियल संक्रमण है जिसका इलाज मकई के आटे से भी संभव हो सकता है।
  • पहले पानी को उबाल लें और फिर उसमें इतना मकई का आटा डालें कि पेस्ट बन जाए।
  • इसके बाद यह पेस्ट फोड़े पर लगाएं और फिर कपड़े से ढक दें।
  • आपको जल्द ही आराम मिलने लगेगा।
Corn flour for boils in hindi
मकई का आटा

बालतोड़ में परहेज – Baltod ka ilaj or parhej in Hindi

  • ज्यादा तेल वाले खाद्य पदार्थ का सेवन न करें।
  • मसालेदार खाने को कम करें।
  • ज्यादा जंक फूड न खाएं।
  • बासी खाने का परहेज करें।
  • अल्कोहल का सेवन न करें।

बालतोड़ में क्या खाएं – Foods During Baltod treatment in Hindi

  • बालतोड़ एक बैक्टीरियल संक्रमण है, इसलिए इससे निपटने और बचने के लिए एंटीबैक्टीरियल युक्त आहार का सेवन करें।
  • साइट्रस फ्रूट्स का सेवन भी लाभकारी रहेगा।
  • लहसुन, प्याज, अजवाइन, अदरक इत्यादि का सेवन करें।
  • हरी सब्जियों का स्वान भी फायदेमंद साबित होगा।

बालतोड़ के लिए इलाज – Baltod ka ilaj in Hindi

बालतोड़ का इलाज बिना डॉक्टर की सहायता से भी संभव हो सकता है। अगर कुछ लोग डॉक्टर की सहायता लेना चाहते हैं तो वह ले सकते हैं। डॉक्टर भी फोड़े से पस बाहर निकालेंगे जिससे फोड़ा जल्दी ठीक होता है। अगर आपको ज्यादा ही दर्द है तो आपको एंटीबैक्टीरियल दवाई दी जा सकती है। जिससे बैक्टीरिया के संक्रमण को कम अथवा रोका जा सके। ज्यादातर लोग घरेलू उपचारों की मदद से ही बालतोड़ को ठीक करते हैं।

बालतोड़ से बचाव के उपाय – Prevention Tips For Baltod treatment in Hindi

  • हमेशा खुद को साफ़-सुथरा रखें जिससे संक्रमण का खतरा न हो।
  • संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करें।
  • रोजाना व्यायाम करें ताकि शरीर में रक्त का संचार ठीक रहे।
  • बालतोड़ संक्रमण के कारण होता है इसीलिए हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।
  • छोटी सी चोट लगने पर उसे अनदेखा न करें बल्कि उसे साफ़ करके दवाई का इस्तेमाल करें।
  • छोटी-छोटी फुंसियों को भी अनदेखा न करें बल्कि उनके इलाज के बारे में सोचें।
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें।
  • ढीले कपडे पहने ताकि बालों में रगड़ न लगे।

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